मौत के बाद भी नहीं छूटेगा अपनों का साथ, वैज्ञानिकों ने बना ली है ‘अमर’ करने वाली मशीन

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ज़िंदगी का सबसे बड़ा दुख होता है, किसी अपने का वक्त से पहले दुनिया छोड़ जाना. ऐसे में लगने वाला सदमा झेलना आसान बात नहीं होती. अब वैज्ञानिकों ने इस सदमे को कम करने का एक ज़रिया (Human can now live forever) ढूंढ निकाला है. ये खास तकनीक ( Chatbots) मौत के बाद भी अपनों से बात करने की सहूलियत दी है.

आमतौर पर फिल्मों या सीरियल्स में हम देखते हैं कि जो लोग इस दुनिया से चले जाते हैं, उनसे भी बात की जा सकती है. आत्माओं से सवाल किए जा सकते हैं और उनका जवाब भी मिलता है. रियल लाइफ में ऐसा नहीं हो पाता. ऐसे में किसी के जाने के बाद उससे बातें न कर पाने का खालीपन अपनों को तोड़ने लगता है. अब वैज्ञानिकों ने काफी रिसर्च के बाद इंसान का वर्चुअल व्यक्तित्व तैयार करने की टेक्नॉलजी बना ली है. यानि ज़िंदा रहते हुए उस इंसान की हर बात मशीन में कैद हो जाएगी और उस शख्स के न रहने पर ये उसी की तरह व्यवहार करेगी.

इंसान मर सकते हैं, Chatbots नहीं

वैज्ञानिकों के मुताबिक किसी ज़िंदा शख्स की सभी गतिविधियों और उसने बात करने और बोलने के अंदाज़ को Chatbots दोहरा सकते हैं. ऐसे में इंसान भले ही दुनिया से चला जाए, उसका व्यक्तित्व रह जाएगा. ये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाला पर्सोना शख्स के परिवार और दोस्तों से हमेशा बात कर सकेगा. एक तरह ये उस इंसान को अमर कर देगा और पीढ़ियों तक लोग उससे बातें कर सकेंगे. चैटबोट के डेवलपर्स का कहना है कि इस तकनीक को और भी ज्यादा रियल बनाने की कोशिश की जाएगी ताकि ये लंबे समय तक काम कर सकें.

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Personalised Robot का ही विकसित रूप

Chatbots का कॉन्सेप्ट personalised Robot का ही विकसित रूप है. इस वक्त भी दुनिया में Artificial Intelligence वाले रोबोट्स बिक रहे हैं. इन रोबोट के ज़रिये लोग अपने ज़िंदगी की तमाम कहानियां रिकॉर्ड करके रखते हैं, ताकि इंसान इस दुनिया में न भी रहे तो भी उनके सवालों के जवाब दे सके. California की कंपनी Replika ऐसे रोबोट भी बेचती है, जो आपके साथ रहकर आपकी नकल करना सीखते हैं. 6 महीने पहले माइक्रोसॉफ्ट की ओर से बात करने वाले चैटबोट बनाने के प्लान को लेकर पेटेंट भी फाइल किया गया था. हालांकि ब्रिटेन की AI कंपनी DADEN का ऐसा कोई इरादा नहीं है. कंपनी एक इंसान के ई-मेल, मैसेज, बोलने और लिखने के तरीके से उसके व्यक्तित्व की नकल तैयार करेगी और उसी से Chatbots को विकसित किया जाएगा.



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