REVIEW: मजेदार रियलिटी शो है ‘एलओएल… हंसे तो फंसे’ का पहला सीजन

0
76


एक बढ़िया रियलिटी शो देखने का मन हो तो अमेजन प्राइम वीडियो पर देखिये “एलओएल, हंसे तो फंसे” जो कि थोड़ा अश्लील है, और अंग्रेजी स्टैंड अप कॉमेडी होने की वजह से काफी कुछ वयस्कों के लिए ही है, मगर तब भी फॉर्मेट इतना बढ़िया है की मज़ा आ जायेगा. शोः एलओएल… हंसे तो फंसे सीजनः 1 सीजन एपिसोड्सः 6 ओटीटी: अमेजन प्राइम वीडियो 2018 में मेक्सिको में अमेजन ने “लास्ट वन लाफिंग” नाम का गेम + रियलिटी शो लॉन्च किया था. इसमें 10 कॉमेडियंस चुने जाते हैं और इन्हें 6 घंटे के लिए एक घर में बंद कर दिया जाता है. बिग बॉस की तरह इस घर में भी कई कैमरे लगे होते हैं जो इन कॉमेडियंस की हर हरकत पर नज़र रखते हैं. हर कॉमेडियन को थोड़ी थोड़ी देर में अलग अलग वेशभूषा में कोई न कोई किरदार निभाते हुए स्टैंडअप कॉमेडी करनी होती है. इसके अलावा वो घर में कोई भी हरकत कर सकते हैं, कोई भी किरदार निभा सकते हैं, किसी भी वेशभूषा में नज़र आ सकते हैं और इन सबका एक ही उद्देश्य होता है – दूसरे को हंसाना. यदि कोई प्रतिभागी हंसते हुए कैमरे में दो बार पकड़ा जाता है तो वो गेम से बाहर कर दिया जाता है. मेक्सिको में 2 और ऑस्ट्रेलिया में 1 सीजन हिट होने के बाद इसे अब भारतीय दर्शकों के लिए बनाया गया है. इसके होस्ट और जज हैं बोमन ईरानी और अरशद वारसी. इसके अलावा, पहले सीजन में जो प्रतिभागी हैं वो हैं – गौरव गेरा, सुनील ग्रोवर, मल्लिका दुआ, कुशा कपिला, आदर मालिक, आकाश गुप्ता, अंकिता श्रीवास्तव, अदिति मित्तल, सायरस ब्रोचा और सुरेश मेनन.
30 मिनट के 6 एपिसोड में बंटी ये सीरीज मज़ेदार है. अर्बन कॉमेडी यानी बड़े शहरों में क्लब्स में होने वाली स्टैंड अप कॉमेडी करने वाले ये कॉमेडियंस अपने जौहर का प्रदर्शन करते हैं. सिर्फ सुनील ग्रोवर और सुरेश मेनन, हिंदी कॉमेडी के वाकिफ हैं और पहले काम कर चुके हैं. आकाश गुप्ता, कुशा कपिला, अंकिता की सफलता में यूट्यूब और इंस्टाग्राम का योगदान है. अनु मालिक के भतीजे आदर मालिक, अंग्रेजी स्टैंड अप कॉमेडी करते रहे हैं. मल्लिका दुआ, प्रसिद्ध न्यूज़ एंकर और पत्रकार विनोद दुआ की बेटी हैं, वहीं अदिति मित्तल, हिंदुस्तान की पहली महिला स्टैंड अप कॉमेडियन मानी जाती हैं. गौरव गेरा और सायरस ब्रोचा, टीवी के पुराने कलाकार हैं और इनके किरदार, शॉपकीपर और बकरा बहुत ज़्यादा पसंद किये जाते रहे हैं. सभी कलाकारों की बोलचाल की भाषा अंग्रेजी ज़्यादा और हिंदी कम है. सुनील ग्रोवर, आकाश और गौरव गेरा बीच बीच में हिंदी का तड़का लगाते रहते हैं. हर कलाकार को दो मिनिट का स्टैंड अप परफॉरमेंस देना होता है और लोगों को हंसाना होता है. इसके अलावा सभी कलाकार आपस में बात कर के, एक दूसरे के सामने ऊटपटांग हरकतें कर के एक दूसरे को हंसाने की कोशिश करते हैं. प्रोग्राम का ये फॉर्मेट अनूठा है, क्योंकि जो कलाकार सबको हंसाने का काम करते हैं क्या वो अपनी हंसी रोक सकते हैं वो भी देश के अन्य हास्य कलाकारों के सामने. काम कठिन है और मुक़ाबला तगड़ा है. इतना बढ़िया कार्यक्रम और इतना बढ़िया फॉर्मेट दो जगह थोड़ा बदलाव कर सकता है. एक, कार्यक्रम की भाषा हिंदी कर के. बहुत से दर्शक इसमें डाले गए शहरी हास्य और व्यंग्य से अनभिज्ञ हैं और इसलिए उन्हें ये इतना पसंद नहीं आया. दूसरा, इसमें ऐसे कलाकार शामिल करना चाहिए जिनके चाहने वाले या फैंस देश के सभी हिस्सों में हों, सिर्फ मुंबई-दिल्ली-बैंगलोर में न हों. अरशद और बोमन, जज और होस्ट के तौर पर अच्छा काम कर रहे हैं. लेकिन इस फॉर्मेट में थोड़ी प्रेडिक्टेबिलिटी होना भी ज़रूरी है. कौन बनेगा करोड़पति में अमिताभ के बोलने का अंदाज़, कंप्यूटर जी, लॉक किया जाए, फाइनल आंसर जैसे तकिया कलाम लोगों के ज़ेहन में बैठ गए थे. एलओएल, हंसे तो फंसे के पहले सीजन में ऐसा कुछ नहीं है जो याद रह जाए. भाषा और व्यंग्य वयस्कों के लिए है. अंग्रेजी गालियां और स्लैंग्स, महिलाओं को पसंद नहीं आएंगे. अर्बन कॉमेडी और स्टैंड अप कॉमेडी का शौक़ रखते हैं तो देखने लायक शो है.





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here